कहानियां कुछ कह सी जाती है, जो दिल की बात है वो बयां सी कर जाति है ऐसे ही मेरी पहली कहानी की कोशिश का पहला भाग..... 21st January Happy Birthday To You, Happy Birthday To You, Happy Birthday,Happy birthday, Happy birthday to you... राही: " पथक जाग जाओ, आज तुम्हारा बर्थडे है, और आज के एक एक पल को में अपने तरीके से बिताना चाहती हूं," पथक जाग भी जाओ इतना भी क्या सोना??? पथक:" अरे हां हां राही जाग रहा हु, जाग रहा हु क्या जाग ही गया हूं, बस तुम्हारे आने का इंतजार कर रहा था, बस यही तो चाहिए था मुझे के तुम कब आओगी रूम में," राही ने पथक को बड़े प्यार से थोड़ी सी शरारत करते हुए अपने हाथो से केक का पीस उसके मुंह के पास ले जाके चहरे पर लगा दिया ...और फिर उसे गले लगाया...
मंजिल - पथक और राही - 1
कहानियां कुछ कह सी जाती है, जो दिल की बात है वो बयां सी कर जाति है ऐसे ही पहली कहानी की कोशिश कापहला भाग..... 21st JanuaryHappy Birthday To You,Happy Birthday To You,Happy Birthday,Happy birthday,Happy birthday to you...राही: पथक जाग जाओ, आज तुम्हारा बर्थडे है, और आज के एक एक पल को में अपने तरीके से बिताना चाहती हूं, पथक जाग भी जाओ इतना भी क्या सोना???पथक: अरे हां हां राही ...और पढ़े
मंजिल - पथक और राही - 2
कुछ किस्से, कुछ बाते, कुछ कही देखे हुए, कुछ पढ़े हुए कुछ विचार, से बनते है किरदार.... इन्ही किरदार बातो भरी कहानी, और इस कहानी का.... दूसरा भाग....पथक: इतने सारे गिफ्ट्स?, सभी सालो के एक साथ ही दे दिए,राही: हां, ये मौका ही मुझे इतने सालो बाद मिला है, में कोई मौका गवाना नही चाहती...पथक ने एक के बाद एक सारे गिफ्ट्स देखे लेकिन उन सभी गिफ्ट्स मेसे एक गिफ्ट कुछ अलग ही दिख रहा था...फूलो से बनी हुई एक टोकरी में छोटा सा लिफाफे जैसा ...और पढ़े
मंजिल - पथक और राही - 3
कहानी के पहलु, कभी हस्ते हुए कभी रोते हुए, अभी तो हसी का माहोल, अभी गम डूबा हुआ संसार, कहानियां कभी खत्म नहीं होती, किरदार आते जुड़ते है कहानियों में, और लंबी सी कहानी बनती जाती है, इसी लड़ी का... तीसरा भाग" तुम न हस्ते हुए बड़े ही प्यारे लगते हो..जितना तुम्हे देखती हु मेरी चाहत और बढ़ जाती है,मेरा प्यार और गहरा होता जाता है,पता नही क्या खासियत है तुजमे,के तुमसे नजरे हटती ही नहीं,ये दिल का हाल क्या ही बयां करू,मेरे दिल की हर ...और पढ़े
मंजिल - पथक और राही - 4
अक्सर कहानी का आगे चैप्टर जानने के लिए, कहानी के पन्नो को पलट के देखना चाहिए कोई नया इंटरस्टिंग सामने होता है , जिंदगी की कहानी भी कुछ इस तरह से ही होती है, नए मोड़ नए किस्सो भरी कहानी, अगर कहानी में कुछ ऐसा हो जाता है जिसे के दुख तो पन्ना पलट के आगे की कहानी पढ़ना, और जिंदगी में भी कुछ इसी तरह से होता जिदंगी के कुछ दिन ऐसे होते है जहां हमे ऐसा लगता है के, जिंदगी खत्म हो जाए तो अच्छा, पर दूसरा दिन जिंदगी का एक नया दिन होता है, जिनसे शायद ...और पढ़े