दुनिया आखिर किस चीज के पीछे भाग रही है, तो वो है थोड़ी सी attention! कई बार कई लोगों की जिंदगी में उथल पुथल मच जाती है जब उन्हें वो attention नहीं मिलती है। हर इंसान को थोड़ी सी attention अच्छी लगती है, कोई जब तुम्हे जताता है की वो तुम्हारा प्रशंसक तो अच्छा लगता है थोड़ा गुरूर आता है खुद मै, ओर धीरे धीरे ये attention से तुम next level चले जाते हो। सब शुरू होता ही attention के खेल से है।
Full Novel
जरूरी था - 1
दुनिया आखिर किस चीज के पीछे भाग रही है, तो वो है थोड़ी सी attention! कई बार कई लोगों जिंदगी में उथल पुथल मच जाती है जब उन्हें वो attention नहीं मिलती है।हर इंसान को थोड़ी सी attention अच्छी लगती है, कोई जब तुम्हे जताता है की वो तुम्हारा प्रशंसक तो अच्छा लगता है थोड़ा गुरूर आता है खुद मै, ओर धीरे धीरे ये attention से तुम next level चले जाते हो।सब शुरू होता ही attention के खेल से है।1. पहले कोई तुम्हे बहुत attention देता है, फिर कुछ समय बाद वो इंसान गायब हो जाता है।2. attention देके ...और पढ़े
जरूरी था - 2
जरूरी था तेरा गिरना भी,गिरके उठना भी,जिंदगी के मुकाम को ,हासिल करना भी।जब तुम टूट जाते हो पूरी तरह , तभी तुम खुद को पा सकते हो,खुदको पाने की राह कभी भी आसान होती ही नहीं। दुख के बिना सुख नहीं आंसू के बिना हसी नई, कुछ खोए बिना कहा कुछ पा सका है इंसान।जब लगे टूट चुके हो तुम, तो ये करो।1. फूटी फूट कर रोना है रो लो मेरे यार।2.खुद को कुछ समय के लिए isolated कर दीजिए कोई दिक्कत नहीं है।3. अपने मन को अपने वश में कीजिए, अपने विचारों को।नियंत्रण कीजिए और खुद को अपना ...और पढ़े