वो पाँच छोटी-छोटी पाँच सामाजिक कहानियाँ हैं जिनमे मैंने समाज में व्याप्त पाँच बबुराइयों पर प्रकाश डालने की कोशिश की है एवं क्रिया की प्रतिकृया भी दिखाई है पड़ने में आनंद आएगा