बख्षीष

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बक्षिस व्यंग और कटाक्ष से भरपूर लेख आज की परिस्थिति के हिसाब से बुनी गई सुन्दर कथा सामाजिक संकरता पर प्रकाश छोड़ता हुआ लेख