Bahadur beti Chapter - 5

(5.2k)
  • 10.7k
  • 4
  • 3.1k

निश्चित समय से पहले ही अनेक लोकों के बाल-प्रतिनिधि और बाल-मित्र आरती के घर पर पहुँच चुके थे। बड़ा ही सुन्दर और मनुहारी वातावरण था आरती के घर का। भिन्न-भिन्न लोकों के तरह-तरह के रंग-बिरंगे परिधानों में सुसज्ज दिव्य-बालकों की सुन्दर छटा देखते ही बनती थी।