शून्य से ब्रह्मांड और ब्रह्मांड से आत्मबोध तक

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  वेदान्त 2.0 : शून्य से ब्रह्मांड और ब्रह्मांड से आत्मबोध तक एक मूल अस्तित्व, अनेक अभिव्यक्तियाँ — अज्ञात अज्ञानी प्रस्तावना : क्या मनुष्य और ब्रह्मांड की कहानी एक ही है? हम जिस ब्रह्मांड को देखते हैं, उसमें असंख्य आकाशगंगाएँ, तारे, ग्रह, परमाणु और जीव हैं। दूसरी ओर, मनुष्य के भीतर विचार, भावनाएँ, इच्छाएँ और चेतना का अनुभव है। सामान्यतः हम इन दोनों को अलग-अलग विषय मानते हैं। भौतिक विज्ञान ब्रह्मांड का अध्ययन करता है और दर्शन जीवन तथा अस्तित्व के अर्थ पर विचार करता है। लेकिन एक प्रश्न दोनों को जोड़ता है: क्या मनुष्य की उत्पत्ति और ब्रह्मांड की