अध्याय 16 — जब नियति ने पहचान कराई

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खाना खाने के बाद ज्ञान और रोशनी घर से बाहर टहलने के लिए निकल पड़े। चलते-चलते ज्ञान ने कहा, “आज हम कहीं दूर नहीं जाएँगे। बस ऐसी जगह चलेंगे, जहाँ मैं तुम्हें अपनी कहानी ठीक से समझा सकूँ और कुछ बातें सही दिशा में रख सकूँ।”दोनों आगे बढ़ने लगे। कुछ देर बाद ज्ञान ने अपनी बात शुरू की।“रोशनी, तुम्हें अक्टूबर 2026 याद है? उस समय पूरी दुनिया में कैसी-कैसी घटनाएँ हुई थीं! कहीं ज्वालामुखी फट रहे थे, कहीं भूकंप आ रहे थे, कहीं महामारी फैल रही थी। कहीं तूफान थे, तो कहीं समुद्र से उठने वाली विनाशकारी बाढ़। कुछ जगहों