Ep 3 अल्फाज़ ए इश्क

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Ep 2 - अल्फ़ाज़ ए इश्क़ भाग 5सूरज की पहली किरण के साथ ही आयरा के कदम फिर से उसी जाने-पहचाने रास्ते की तरफ बढ़ चले थे। कल रात की तन्हाई और दिल में अनगिनत सवालों का बोझ लिए, वह सुबह-सुबह उसी सुनसान पार्क में उस दीवार के पास पहुँची। उसके दिल में एक हल्की सी उम्मीद की किरण चमक रही थी कि शायद कबीर रात को आया हो और उस अधूरी पेंटिंग या अधूरे शेर को पूरा कर गया हो। लेकिन जैसे ही आयरा ने दीवार के पास जाकर देखा, उसका दिल बैठ गया। वह पेंटिंग और वह अधूरा शेर