कबीर और आयरा एक-दूसरे से बेहद मोहब्बत करते थे, लेकिन वक्त के फेर और हालात ने उन्हें अलग-अलग रास्तों पर चलने के लिए मजबूर कर दिया था। वे दोनों एक-दूसरे से जुदा हो चुके थे और उनके बीच फासले आ गए थे, लेकिन उनके दिलों के तार उस डायरी और उनकी रूहानी मोहब्बत से हमेशा के लिए बंधे हुए थे। ज़माने ने भले ही उन्हें दूर कर दिया था, पर उनके दिल इस बात पर यकीन रखते थे कि यह जुदाई हमेशा के लिए नहीं है। यह तो बस वक्त का एक ऐसा इम्तिहान था, जिससे गुजरकर उनकी मोहब्बत को