वराहोपनिषद

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वराहोपनिषद ---वराहोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध एक योग-वेदान्तप्रधान उपनिषद् है। इसमें भगवान् वराह और ऋषि के संवाद के माध्यम से ब्रह्मज्ञान, आत्मतत्त्व, योग, ध्यान, प्राणायाम और मोक्ष का वर्णन मिलता हवराहोपनिषद् में पाँच अध्याय हैं।प्रथम अध्याय — आत्मज्ञान और ब्रह्मतत्त्वद्वितीय अध्याय — योग और मन की साधनातृतीय अध्याय — प्राणायाम, प्रत्याहार आदि योग विधियाँचतुर्थ अध्याय — आत्मा, ब्रह्म और अद्वैतज्ञानपञ्चम अध्याय — मोक्ष, जीवन्मुक्ति और परमज्ञानप्रथम कध्याय-- वराहोपनिषद् के प्रथम अध्याय में भगवान् वराह और महर्षि ऋभु का संवाद है। इस अध्याय में मुख्यतः २४, ३६ और ९६ तत्त्वों की गणना, जीव की अवस्थाएँ तथा आत्मज्ञान से मुक्ति का प्रतिपादन किया