हुक्म और हसरत -39

(26)
  • 1.5k
  • 501

️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 39 — एक आवाज़ का पीछा अगली सुबह रायगढ़ महल में बाकी दिनों की तरह ही शुरुआत हुई।महल के गलियारों में कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। रसोई से नाश्ते की खुशबू आ रही थी और बाहर बगीचे में माली पौधों को पानी देने में व्यस्त थे।लेकिन नाश्ते की मेज पर बैठी सिया का ध्यान इन सब चीजों में बिल्कुल नहीं था।उसके सामने चाय का कप रखा था। प्लेट में नाश्ता भी था, मगर उसकी नजरें कहीं दूर अटकी हुई थीं।बार-बार उसके कानों में वही गहरी आवाज गूंज रही थी।“एक पुरस्कार मेरे काम को नहीं