अध्याय 6 : तहखाने में दूसरी नित्यारुद्र ने नित्या को बेड पर धकेला तो था, पर उसकी आँखों में हवस नहीं, एक पागलपन भरा प्यार था।नित्या ने डर के मारे आँखें बंद कर लीं, "दूर रहो... मुझे मत छूना!"रुद्र उसके बिल्कुल करीब आया, इतना करीब कि उसकी गर्म साँसे नित्या के चेहरे पर पड़ रही थीं।"इतना क्यों डरती है मुझसे?" रुद्र ने बहुत धीरे से कहा। "मैं तुझे खा थोड़ी जाऊंगा?"उसने नित्या के माथे से पसीना पोंछा। "देख, तेरा दूध से भीगा हुआ जोड़ा... बदल ले। नहीं तो सर्दी लग जाएगी। मेरी डॉक्टर बीवी बीमार हो गई तो?"नित्या ने आँखें