अब तकफ़ना के जाने के बाद अब मैनेजर भी कुछ नहीं कर सकता था। वह खुद घबरा गया था कि वह मिस्टर भारद्वाज को कैसे एक्सप्लेन करेगा।घर पहुंच कर फ़ना रोजाना की तरह सो गई, लेकिन आज बाहर बहुत तेज बारिश हो रही थी। उसी वक्त फ़ना का फोन रिंग करने लगा और जैसे ही उसने कॉल पिक किया। फोन पर उसे कुछ ऐसा सुनने को मिला, जिससे फ़ना के होश उड़ गए और फ़ना की आंखों से झर झर आंसू बहने लगे। वह बिना सोचे समझे उठी और उसके बाद वह उन्हीं कपड़ों में अस्पताल के लिए निकल गई।