अधिरा जिसे धीरे-धीरे होस आ रहा था , उसकी आंखें अभी हल्की सी ढूंढ ली थी वह अपनी आंखें बन्द कर पुरी पूरी तरीके से खोलती है।उसकी उसकी गहरी काली आंखें पीकॉक ब्लू आईज से जाकर मिलते हैं। आआह्ह्हह्ह्अद्वीक को अपने इतने नज़दीक देख उसकी जोर दार चीख निकल जाती है।वह उठकर पर बैठती है ।उसका ब्लाउज जो सिर्फ डोरियों पर अटका हुआ था , और अद्विक के डोरी खोलने से उसका ब्लाउज खिसक कर नीचे गिर जाता है अधीरा की आंखें और बड़ी हो जाते हैं । उसके होंठ दर से फड़फड़ाना लगते हैं ।अब आगे,अधीरा अपनी बड़ी-बड़ी पलके