" किरदार तो दुनिया देखती है, लेकिन किरदार के पीछे छिपा इंसान बहुत कम लोग समझ पाते हैं।” समाज द्वारा उसे दिए गए अलग-अलग किरदारों—बेटी, बहन, दोस्त, पत्नी, —से आगे उसकी अपनी पहचान, इच्छाएँ और भावनाएँ हर लड़की की ज़िंदगी में कई किरदार होते हैं। कभी वह किसी की बेटी होती है, कभी बहन, कभी दोस्त, कभी पत्नी, कभी माँ और कभी अपने परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने वाली एक मजबूत स्त्री। लेकिन इन सभी किरदारों के पीछे छिपी “वह खुद” कौन है? एक लड़की थी—बहुत साधारण-सी। उसकी जिंदगी में भी छोटे-छोटे सपने थे। बचपन में वह बारिश में भीगना चाहती थी, बिना