ध्रुव की तारा - भाग 27

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ध्रुव की ताराभाग - २७लेखिका "अनामिका"​विजय जी ने घर लौटते ही ध्रुव का नंबर मिलाया। कुछ ही घंटियों के बाद ध्रुव की थकी हुई लेकिन खुशमिज़ाज आवाज़ गूँजी, "हाँ पापा, कहिए! सब ठीक तो है न?"​"सब ठीक है बेटा, बस तेरी याद आ रही थी तो कॉल कर लिया। सुना, काम कैसा चल रहा है? अब तो जॉब भी परमानेंट हो गई, प्रमोशन और हाइक की पार्टी कब दे रहा है?" विजय जी ने सहज होने की कोशिश करते हुए बात शुरू की।​"बस पापा, काम बढ़िया चल रहा है। आप जब कहेंगे, पार्टी तैयार है," ध्रुव ने मुस्कुराते हुए कहा।​थोड़ी