ध्रुव की तारा - भाग 25

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ध्रुव की ताराभाग - २५ लेखिका "अनामिका" ​ध्रुव के ग्रेजुएशन खत्म होते ही ज़िंदगी की रफ्तार अचानक दोगुनी हो गई थी। कॉर्पोरेट वर्ल्ड का अनुशासन, देर रात तक चलने वाली थकाऊ मीटिंग्स और कभी-कभी नाइट शिफ्ट्स... ध्रुव पूरी तरह से अपनी नौकरी की उलझनों में सिमट कर रह गया था। अब उसके पास तारा के लिए न तो पहले जैसी लंबी बातें करने का वक्त था, और न ही कैंपस में साथ बैठने की फुर्सत।​लेकिन तारा को ध्रुव से कोई शिकायत नहीं थी। उसने इस दूरी को दूरी नहीं, बल्कि ध्रुव के सपनों का एक पड़ाव माना। तारा अपनी पढ़ाई के बीच