राजा वीरेंद्र और रानी देविकाएक समय की बात है, सुंदरवन नाम का एक खुशहाल राज्य था। वहाँ के राजा वीरेंद्र और रानी देविका अपनी प्रजा से प्रेम करते थे। राजा बहादुर और न्यायप्रिय थे, जबकि रानी दयालु और समझदार थीं। महल में सोने-चाँदी की कोई कमी नहीं थी, फिर भी दोनों सादा जीवन जीना पसंद करते थे। वे अक्सर भेष बदलकर अपने राज्य की गलियों में जाते और लोगों की परेशानियाँ सुनते थे।एक वर्ष सुंदरवन में बारिश बहुत कम हुई। खेत सूखने लगे, कुएँ खाली होने लगे और किसानों के घरों में अनाज कम पड़ गया। राजा ने तुरंत राजकोष