Episode 20 – शादी से पहले की खामोशियाँ शादी की तारीख तय हो चुकी थी।कोई ढोल-नगाड़े नहीं बजे थे,ना ही किसी ने अचानक मिठाइयाँ बाँटी थीं।बस दोनों परिवारों के बीचएक शांत-सी सहमति बन गई थीकि अब यह रिश्तानाम से आगे बढ़ चुका है।Priyam को यह सब अचानक नहीं लगा।फिर भी, मन के किसी कोने मेंएक हल्की-सी घबराहटधीरे-धीरे जगह बना रही थी।वह अपने कमरे में अकेली बैठी थी।अलमारी खुली थी।अंदर रखे कपड़े अब सिर्फ कपड़े नहीं लग रहे थे—हर रंग, हर सिलवटजैसे आने वाले दिनों की कहानी कह रही हो।उसने एक साड़ी को हाथ में लिया,फिर वापस टाँग दिया।आज किसी चीज़ को