और आधुनिकता की टकराहटशाम के सात बज रहे थे। जयपुर की ऐतिहासिक 'रॉयल हेरिटेज हवेली' की जगमगाहट देखते ही बनती थी। चारों तरफ गेंदे और मोगरे के फूलों की महक, शहनाई की पारंपरिक गूंज और मेहमानों की चहल-पहल से माहौल किसी उत्सव का गवाह बन रहा था। यह शादी थी शहर के दो सबसे प्रतिष्ठित परिवारों—राठौड़ और सिंघानिया—की।दूल्हा था विक्रम राठौड़, जो लंदन से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी कर चुका था और अब अपने परिवार का बहुराष्ट्रीय साम्राज्य संभाल रहा था। वह आधुनिक विचारों वाला, आत्मविश्वासी और अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर युवक था। वहीं दुल्हन थी डॉ.