प्रथम श्रेणी के रिटायर्ड ईमानदार सरकारी कर्मचारी के दो बेटे और एक बेटी थी.सभी बच्चों की परवरिश बहुत ही अच्छे तरीके से हुई थी. बड़ा बेटा सॉफ्टवेर इंजीनियर अमरीका में रहता था,बीटियाँ जर्मनी में,छोटा बेटा भी सॉफ्टवेर इंजीनियर, ६ महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी.मुंबई में अपनी पत्नी और माता पिता के साथ एक सोसाइटी में रहता था.सॉफ्टवेर इंग्जीनियर की पत्नी एक दिन रसोई में खाना बनाते हुए रसोई की खिड़की से झाँकने लगी,सोसाइटी पूरी चारदीवारी से सुरक्षित थी,इंजीनियर की पत्नी ने चारदीवारी से दूसरी तरफ़ कुछ ग़रीब बच्चे खेलते हुए देखा,एक बेटी को भी देखा जो क़रीब ८-१०