ध्रुव की ताराभाग - २१लेखिका "अनामिका"ध्रुव ने गहरी सांस ली और धीरे-धीरे कदम बढ़ाता हुआ तारा के ठीक करीब पहुँच गया। तारा ने मुड़कर उसकी तरफ देखा और मुस्कुराते हुए पूछा, "क्या हुआ ध्रुव? ऐसे लगातार क्या देख रहे हो?"ध्रुव ने अपनी धड़कनों को काबू करने की कोशिश करते हुए धीरे से कहा, "तारा... क्या पार्टी के बाद थोड़ी देर के लिए बाहर पार्क में मिल सकती हो? मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी है।"तारा ने अचरज से अपनी आँखें बड़ी कीं, "ज़रूरी बात? अभी क्यों नहीं बता देते? और इस वक्त बाहर... सब घर पर ही तो हैं।""प्लीज़ तारा,