शिल्पा प्रतिलिपि पर लिखती थी। एक छोटी सी राइटर, पर शब्दों से बड़ी दुनिया बुनती थी।एक दिन उसके मन में आया, क्यों न प्रतिलिपि के साथ-साथ अपनी कहानियाँ और भी कहीं ले जाऊँ? बस फिर क्या था, वो नए-नए प्लेटफॉर्म ढूँढने लगी। कई जगह उसने लिखा भी, लोग पढ़ते भी थे।पर एक प्लेटफॉर्म पर आकर उसकी गाड़ी अटक गई।वो जब भी वहाँ अपनी कहानी डालती, कहानी पब्लिश ही नहीं होती थी। बार-बार सिर्फ 'ड्राफ्ट में सेव' हो जाती। शिल्पा परेशान हो गई। उसने सब करके देख लिया, जो जो उस ऐप ने कहा, जो जो लोगों ने बताया। पर कुछ