उन पलों में स्वप्निल सब भूल गया ... श्राप ... शंखचूड़नी ....... तभी लागातार बजते मोबाइल के रिंग ने जैसे उसे वापस खींच कर हकीकत की दुनिया में ला खड़ा किया था। उसके डैडी का कॉल था, डैडी ने उसे तुरन्त पैलेस वापस बुलाया था। स्वप्निल घबरा उठा, भई ऐसी क्या आफत आ गई अब पैलेस में ! स्वप्निल को यूँ घबराया देख शर्लिन ने पूछा, " स्वप्निल ! इज एवरीथिंग ऑलराइट ? "स्वप्निल कुछ लम्हा जैसे एक हसीन ख़्वाब में खोया हुआ था, छन्न से जैसे ये ख्वाब टूटा, बदसूरत हकीकत सामने मुंह बाये खड़ा था ... आवाज को रूखा