हुक्म और हसरत -31

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️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 31 — काम के बीच कुछ पल अगली सुबह रायगढ़ कार्यालय में बाकी दिनों की तरह ही हलचल थी।कर्मचारी अपने-अपने काम में व्यस्त थे।फाइलें इधर से उधर जा रही थीं।बैठकें चल रही थीं।और इन सबके बीच सिया अपनी मेज़ पर बैठी एक के बाद एक दस्तावेज़ देख रही थी।पिछले कुछ दिनों में काम की जिम्मेदारियाँ बढ़ गई थीं।लेकिन अब सिया उन्हें देखकर घबराती नहीं थी।वह हर फाइल को ध्यान से पढ़ती…जरूरी सवाल पूछती…और फिर अपना फैसला लेती।उसके सामने रखी आखिरी फाइल बंद हुई।सिया ने गहरी साँस ली।“बस… अब नहीं।”सामने बैठी काव्या ने तुरंत सिर उठाया।“क्या