हुक्म और हसरत - 32

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️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 32 — जनता का फैसलाअगली सुबह रायगढ़ कार्यालय में सिया अपनी मेज़ पर बैठी कुछ दस्तावेज़ देख रही थी।काव्या उसके सामने खड़ी होकर एक-एक करके जरूरी बातें बता रही थी।“ये पानी की व्यवस्था वाली फाइल है।”सिया ने उसे अपनी तरफ खींच लिया।“ठीक है।”“और ये बाज़ार के दुकानदारों की शिकायत है।”“किस बारे में?”“नई पार्किंग व्यवस्था को लेकर।”सिया ने फाइल खोली।“और ये?”काव्या ने थोड़ा गंभीर होकर कहा—“नगर के बाहरी इलाके के लोगों की शिकायत है।”सिया ने तुरंत उसकी तरफ देखा।“क्या हुआ?”“पिछले कुछ दिनों से वहाँ पानी की आपूर्ति ठीक नहीं है। लोगों ने कई बार शिकायत की