️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 28 — एक नई शुरुआत पिछली रात के बाद पहली बार…रायगढ़ महल में सब कुछ थोड़ा शांत था।न कोई चेतावनी।न कोई आपात स्थिति।न कोई भाग-दौड़।बस सुबह की हल्की धूप, महल की खिड़कियों से अंदर आती हुई और उस कमरे में फैलती हुई… जहाँ पिछले कई दिनों से डर ने अपना डेरा जमा रखा था।सिया धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलती है।कुछ पल तक वह छत को देखती रहती है।फिर उसकी नज़र अपने पास रखी कुर्सी पर जाती है।खाली।सिया की भौंहें सिकुड़ जाती हैं।“अर्जुन?”कोई जवाब नहीं।वह उठकर बैठती है और तभी कमरे का दरवाज़ा खुलता है।अर्जुन अंदर आता है।हाथ