ध्रुव की ताराभाग - १५लेखिका "अनामिका" ध्रुव अपनी माँ को ढूँढते हुए उनके कमरे में आया था। उसकी नज़र अलमारी के आधे खुले ड्रॉर पर पड़ी, जिसमें दवाइयां और मेडिकल स्टोर के बिल बिखरे पड़े थे। जैसे ही वह ड्रॉर बंद करने आगे बढ़ा, उसमें रखे कुछ और कागज़ों को देखकर उसे अजीब सा अहसास हुआ और उसने ड्रॉर को पूरा खोल दिया।जैसे-जैसे वह एक-एक करके अस्पताल की डिस्चार्ज समरी और ऑपरेशन के पेपर्स पढ़ रहा था, उसके पैरों तले ज़मीन खिसकती जा रही थी। 'सुमन शर्मा - ट्यूमर सर्जरी'... इन शब्दों को देखकर ध्रुव का दिमाग सन्न रह गया।"ध्रुव... तू