रिकवरी एजेंट

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    अफरातफरी मचते ही लोग सिर पर पाँव रख कर भागे। लोगों के कदमों की तेज ध्वनी गुंजायमान थी। कम्पन ऐसा हो रहा था मानो धरती काँप रही हो। कदमों को कहाँ मालूम था कि कुचला जाने वाला आदमी कौन है और कहाँ का है। भाग तो सभी रहे थे मगर बीच बीच में कोई अचाकन आवाज लगा जाता था कि जल्दी निकलो, जल्दी निकलो। ’’ देखते ही देखते पुरा परिसर खाली हो गया। लोग यहाँ से निकल कर भागे हैं इस बात की गवाही टुटी हुई चप्पलें और पड़ हुआ एक ही पाँव का जुता दे रहा था।