अंधकार की रात - अध्याय 1

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घोर अमावस्या की वह काली रात, जहां आसमान चीख रहा था और बादलों की गर्जना से पूरी धरती कांप रही थी।वही नगरों से मिलो दूर, एक भयानक, डरावने और वीरान वन में, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था. जहां दरख्तों की खौफनाक परछाइयां किसी भूतिया साये की तरह नाच रही थी।ठीक! उसी काली रात के उसे खौफनाक पल में, जब तूफानी हवाएं चीखती हुई गरज रही थी और बिजली की कड़क से आसमान भी लाल पड़ गया था. इस वन की एक सदियों पुरानी रहस्यमी योगिनी ने एक विशालकाय तप से एक अमानवीय बालक को जन्म दिया।वह कोई