तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 9

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Aashi की उँगलियाँ उस कागज़ पर जमी रह गईं।उसकी आँखें बार-बार उसी नाम को पढ़ रही थीं।लेकिन उसका दिमाग उस नाम को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था।“ये… यहाँ कैसे?”उसके होंठों से बस इतना ही निकला।Vihaan सामने खड़ा उसे देख रहा था। उसके चेहरे पर हैरानी नहीं थी, जैसे वह पहले से जानता हो कि कागज़ पर क्या लिखा है।Aashi ने तुरंत उसकी तरफ देखा।“तुम्हें इस नाम के बारे में पहले से पता था?”Vihaan ने कुछ पल चुप रहने के बाद कहा—“हाँ।”“तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?”“क्योंकि ये बात सिर्फ मेरे बताने से समझ नहीं आती, Aashi।”Aashi ने