तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 8

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“कल… उसी जगह।”Vihaan का आखिरी message पढ़ने के बाद भी Aashi काफी देर तक फोन हाथ में लिए बैठी रही।उसके मन में एक अजीब-सी बेचैनी थी। वह जानती थी कि अगले दिन उसे उस जगह जाना होगा, जहाँ उसकी जिंदगी की कोई भूली हुई कहानी शायद उसका इंतज़ार कर रही थी।लेकिन घरवालों से क्या कहेगी?वह पूरी रात ठीक से सो नहीं पाई।सुबह जब उसकी आँख खुली, तो खिड़की से आती धूप कमरे में फैल चुकी थी। उसने सबसे पहले फोन देखा। Vihaan की तरफ से कोई नया message नहीं था।शायद उसे भी पता था कि अब अगली बात आमने-सामने ही