सरहद से इंतजार तक

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पहाड़ की बर्फीली चोटियों पर जब तेज़ ठंडी हवाएँ चलतीं, तो ऐसा लगता मानो सुइयाँ जिस्म में चुभ रही हों। चारों तरफ सफ़ेद बर्फ की चादर बिछी थी और माइनस तापमान में साँस लेना भी एक चुनौती था। ऐसी कड़कड़ाती ठंड में भी विक्रम अपनी राइफल थामे, सरहद की चौकी पर पूरी सतर्कता से डटा हुआ था। जब भी ठंड बर्दाश्त से बाहर होने लगती या अपनों की याद दिल को घेरती, विक्रम अपनी फौजी वर्दी की ऊपरी जेब पर धीरे से हाथ फेरता। वहाँ रखी थी प्रिया की एक छोटी सी तस्वीर। उस तस्वीर में मुस्कुराता प्रिया का चेहरा