इस बीती का पूर्वापर संबंध हम बहन- भाई के बचपन से है। बीती को टप्पा दिया कुंदन ने। वह हमारी आया, मालती, का बेटा था। इकलौता। बल्कि विधवा हो जाने पर ससुराल व मायके से एक साथ विस्थापित हुई मालती के पास परिवार के नाम पर यही कुंदन ही बचा था। इन दोनों को हमारे पिता के एक मित्र उनके पास लाए थे,