दो शहर एक सपना

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दो शहर एक सपनारायगढ़ की लाल मिट्टी से निकला था रघु। उसके हाथों में फावड़ा था और आँखों में एक सपना - अपना एक पक्का मकान। रायगढ़ में काम था पर पैसा कम। किसी ने बताया - "मंदसौर चला जा, वहाँ लहसुन और अफीम की खेती में मजदूरी अच्छी मिलती है।"रघु ने पहली बार ट्रेन देखी। रायगढ़ से मंदसौर का सफर उसके लिए दो शहरों का सफर नहीं, दो दुनिया का सफर था। एक तरफ उसका गाँव, जहाँ शाम को चूल्हे का धुआँ और माँ के हाथ की रोटी थी। दूसरी तरफ अनजान शहर, जहाँ सिर्फ मशीनें और भीड़ थी।मंदसौर