काली घाटी - 5

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तो चलो चलते हैं।शिवा व रेंचो दोनो धीरे धीरे सीढ़ीयों से नीचे जाने लगते हैं।वहां पर उनके पदचापों की आवाजें साफ साफ आ रही थी, उसके अलावा कोई और आवाज नहीं थी, नीचे चारों तरफ घना अंधेरा था ।सीढ़ियों से नीचे उतरने के बाद शिवा और रेंचो दोनो आगे की तरफ जाने लगते हैं ।आगे बढ़ते बढ़ते उन्हें एक बहुत बड़ी खाई दिखाई देती हैं जिस पर एक छोटा सा लड़की का जर्जर पुल था ।रैंचो - शिवा लगता है यहां पर सदियों से कोई भी नहीं आया ।शिवा - हां रैंचो लगता तो ऐसा ही है, और ये पुल