रंग-बिरंगी तीतलियों ने दिवाना बना रखा था। मनमोहक रंगों की आकर्षक तीतलियों के पीछे बच्चे पागल हुए जा रहे थे। बच्चे तो बच्चे हैं, इतनी सारी तीतलियों के पीछे न लग कर एक ही तीतली के पीछे लगे हुए थे।हुआ यह कि एक बच्चा जिस तीतली के पीछे भाग रहा था तो सारे बच्चे भी उसी तीतली के पीछे भाग रहे थे। ’’ मैं पकड़ुं ’’ ’’ मैं पकड़ लूंगा ’’ ’’ मै तो जरूर ही पकड़ लुंगी ’’ बच्चों में होड़ सी लगी हुई थी।तीतली रानी परेशान हो कर कभी इस पत्ते पर तो कभी उस डाल पर बैठ