जल-समाधि

‘‘ओय अम्मा...ओय काकी...ओय दीदी...ओय मामी...! जरा घूंघट तो उठाओ!! कैमरे में आपलोगों का चेहरा सही से नहीं आ रहा है। कैमरे में चेहरा नहीं आएगा, तो तुम्हें कौन पहचानेगा? तुम्हारा दर्द कोई कैसे समझेगा और फैसला लेगा?’’ जल-सत्याग्रह में नर्मदा मैया में गले तक डूब चुकी मजबूर महिलाओं का पोज लेते हुए टीवी पत्रकारों ने महिलाओं से कहा।बेचारी महिलाएं पांच दिनों से जल में डूबी हुईं थीं। उनके हाथ-पैर गलने लगे थे। भूख से उनकी अंतड़ियां पिचक व चिपक गई थी। वे जल में रहकर भी पेयजल के लिए तरस रहे थे। कंठ उनके सूखे हुए थे।वे हताश व निराश