अंजलि की मुट्ठी में वह पुरानी चाबी अब भी बंद थी.छह साल पहले राहुल ने उसे वह चाबी दी थी.और आज वही चाबी राहुल के पास वापस आई थी.लेकिन राहुल को कुछ याद नहीं था.अंजलि ने चाबी को अपनी हथेली में छिपा लिया.अंजलि!नीचे से उसके पिता की आवाज फिर आई.आ रही हूं पापा!अंजलि ने राहुल की तरफ देखा.तुम अभी यहीं रहो।क्यों?बस. कुछ देर।राहुल ने सिर हिला दिया.अंजलि कमरे से बाहर निकल गई.सीढियों से नीचे आते ही उसके पिता सामने खडे थे.उनकी नजर सीधे अंजलि पर थी.वो आदमी कहाँ है?ऊपर।उसे आज ही घर से बाहर भेज दो।अंजलि कुछ पल चुप रही.फिर