एकतरफा प्यार है ये - भाग 2

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अंजलि की कार शहर की सडकों पर तेजी से आगे बढ रही थी.सडक पर गाडियों की भीड थी, लेकिन अंजलि का ध्यान सिर्फ पीछे बैठे राहुल पर था.राहुल चुपचाप खिडकी से बाहर देख रहा था. उसके चेहरे पर चोट के निशान थे. कपडे पुराने थे और घनी दाढी- मूंछ के कारण उसका चेहरा पूरी तरह बदल चुका था.अंजलि बार- बार कार के शीशे में उसका चेहरा देख रही थी.उसका दिल कह रहा था कि इस आदमी से उसका कोई गहरा रिश्ता है.लेकिन दिमाग कुछ समझ नहीं पा रहा था.कुछ देर बाद अंजलि ने धीरे से पूछा,आपको अपना घर याद है?राहुल