किसी जमाने में गांवों में समाचार या गाना सुनने का एकमेव माध्यम रेडियो या ट्रांजिस्टर हुआ करता था। जो लोग संपन्न व शौकीन थे, वे अपनें मनोरंजन, समययापन और शान के लिए इसे रखा करते थे।प्रचार-प्रसार का यह साधन तब वनीय गांवों में स्टेटस सिंम्बल भी था। लोग रेडियो के बनिस्बत ट्राजिस्टर रखना ज्यादा पसंद करते थे। कारण कि ट्रांजिस्टर कहीं लाने-ले जाने में आसान हुआ करता था, जो बैटरी से चलता था।एक शाम मोहला का सरपंच श्यामसुंदर फिलिप्स ट्रांजिस्टर से समाचार सुन रहा था। समाचार में बताया जा रहा था, ‘सरकार के द्वारा न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 100 रुपये से