ध्रुव की तारा - भाग 3

ध्रुव की ताराभाग - ३लेखिका "अनामिका" ​स्विमिंग पूल वाली शाम के बाद रात भर तारा के मन में अजीब से सवाल घूमते रहे। प्यार, पसंद या इन सब एहसासों से वह हमेशा दूर ही रही थी, इसलिए उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि उसके साथ क्या हो रहा है। वह बस यही सोचती रही कि सिया हमेशा ध्रुव के बारे में ही क्यों पूछती रहती है? और ध्रुव भी आखिर हर वक्त सिया को चुपके-चुपके क्यों देखता रहता है? और अगर ये दोनों ऐसा करते भी हैं, तो उसे अंदर ही अंदर इतना बुरा क्यों लगता है? इन्हीं