ध्रुव की तारा भाग - २लेखिका "अनामिका" वक्त अपनी रफ्तार से बीतता रहा। बचपन की मासूमियत अब किशोरावस्था के संजीदा मोड़ पर आ खड़ी हुई थी। सात साल की वह छोटी तारा अब 10th क्लास में थी—गोल चश्मा, किताबों का ढेर और पढ़ाई को लेकर वही पुरानी संजीदगी। वहीं दूसरी तरफ, 12th क्लास का ध्रुव आज भी बेफिक्र था। उसकी गिनती क्लास के उन छात्रों में होती थी जो बस 'पासिंग मार्क्स' की उम्मीद रखते थे।घरवाले हर वक्त ध्रुव को 12th बोर्ड्स का डर दिखाते और पढ़ाई के लिए टोकते रहते। लेकिन कोई नहीं जानता था कि ध्रुव का दिल किताबों में