विराट छिपकर सब देख रहा था। उसने देखा कि कैसे महक और उसके आदमी एक बंद कमरे के पास खड़े थे। अंदर से सिसकियों की आवाज़ आ रही थी—वर्षा की आवाज़।विराट ने हिम्मत जुटाई और अंदर घुसने की कोशिश की। लेकिन तभी, पीछे से एक आदमी ने उसे पकड़ लिया। विराट ने संघर्ष किया, लेकिन दो अन्य आदमियों ने उसे जकड़ लिया और जमीन पर गिरा दिया। तभी संयोगिता आ धमकी। महक मुस्कुराते हुए आगे बढ़ी। उसके हाथ में एक चाकू था। महक बोली- ओह! तो आ गईं तुम, संयोगिता। मैं जानती थी कि तुम जरूर आओगी। तुम्हें अपने 'नए परिवार' की