अगली सुबह मृदुला ने अभिनव से छुट्टी की अर्ज़ी के बारे में पूछा। अभिनव कुछ खोया-खोया-सा था, मानो उसने उसकी बात सुनी ही न हो। बिना कोई उत्तर दिए वह बाहर निकल गया।मृदुला भी समाचारों में बॉर्डर पर बढ़ते तनाव की ख़बरें देख रही थी। उसे भी अंदेशा हो रहा था कि हालात जल्द ही बदलने वाले हैं।कुछ ही दिनों बाद वॉर मोबिलाइज़ेशन शुरू हो गया।अभिनव ने मृदुला को परिस्थितियों की गंभीरता समझाई।दोनों ने ज़रूरत का सामान छोड़कर बाकी सामान पैक कर लिया।अभिनव को अड़तालीस घंटों के भीतर यूनिट में उपस्थित होने का आदेश मिला। उसने पापा को फ़ोन करके