भूमिकाकहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा बन जाता है, जिसके बिना हम अपनी कहानी की कल्पना भी नहीं कर सकते।लेकिन क्या हर मुलाकात सिर्फ एक संयोग होती है?या फिर कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में आने से पहले ही कहीं लिखे जा चुके होते हैं?आशी को इन बातों पर कभी विश्वास नहीं था।उसके लिए ज़िंदगी बहुत सीधी थी—सुबह उठो, अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करो, लोगों की उम्मीदों पर खरा उ