अधूरा इश्क

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यहाँ आपकी कहानी का एक संपूर्ण, भावुक और परिष्कृत रूप प्रस्तुत है, जिसे आप 'मातृभारती' पर प्रकाशित करने के लिए उपयोग कर सकते हैं:अधूरी मोहब्बत की दास्ताँएयरपोर्ट पर एक छब्बीस-सत्ताईस साल का नौजवान हाथ में पासपोर्ट और फ्लाइट की टिकट लिए खामोश खड़ा था। उसकी नजरें थोड़ी दूर खड़ी एक लड़की पर टिकी थीं। उन नजरों में कोई हवस या शिकायत नहीं थी, बस एक असीम ममता और छलकता हुआ प्यार था।कुछ देर बाद वह आगे बढ़ा और भारी मन से पासपोर्ट और टिकट राधिका की ओर बढ़ाते हुए बोला, "ये लो राधिका... यह तुम्हारा पासपोर्ट और यह तुम्हारी टिकट।"राधिका