अवनि एक अटूट विश्वास - 12

  • 387
  • 132

यह श्रद्धा कौन है आर्यमन जी?"आर्यमन के पास इस सवाल का जवाब तो था, पर ज़ुबान जैसे किसी गोंद से चिपक गई थी। वह अवनि की आँखों में छिपी उस टूटन को देख पा रहा था।नीलम का कुटिल प्रहारतभी नीलम भाभी ने एक शातिर मुस्कान के साथ अवनि की ओर देखा और बड़े ही नाटकीय अंदाज़ में कहा:"अरे! अवनि... तुम्हें आर्यमन ने अभी तक कुछ बताया नहीं? हद है आर्यमन, तुमने इस बेचारी लड़की को अंधेरे में रखा?"नीलम ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए ज़हर उगला,नीलम भाभी की बातों ने अब मर्यादा की सारी हदें पार कर दी थीं। उन्होंने