पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था। दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका निभा रहे थे, लेकिन तभी कार्तिक के मुँह से निकली बात ने सबको सुन्न कर दिया।कार्तिक, जिसकी आँखों में अब एक अजीब सी ठंडी चमक थी, चिल्लाकर बोला— "हाँ कालू! मत छोड़ इन्हें! यही वो हाथ हैं जिन्होंने तुझे धक्का दिया था। यही वो ज़बान है जिसने तुझे चरवाहा कहकर दुत्कारा था। मार डाल इन्हें! खत्म कर दे यह अध्याय, ताकि तेरा प्रतिशोध पूरा हो सके!"कार्तिक के ये शब्द सुनकर घेरे के अंदर बैठे दोस्तों के होश उड़ गए। सबसे ज़्यादा धक्का