यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे दुनिया बदसूरत कहकर पुकारती थी। लोग क्या उसकी अपनी मां-बाप भाई बहन को उसे साथ लेकर चलने में शर्म आती थी, वह तो उसे अपनी फैमिली का हिस्सा भी नहीं मानते थे बस समाज के डर से उसे सड़क पर नहीं फेंक सके। और जैसे कोई जानवर पलता हो वैसे ही वह अपने घर अपने लोगों के बीच पाल रही थी। जहां खाना कम और अपमान ज्यादा मिलता कहने को वह अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी थी पर उसे कभी वह इज्जत ना मिली जो उसे मिलनी चाहिए मीरा एक लड़की